DEWASI SAMAJ

Dewasi Samaj

'विकसित समाज के लिए बालिका शिक्षा जरूरी'


राईका समाज के सम्मेलन को संबोधित करते  राज्यमंत्री श्री ओटाराम देवासी एवं उपस्थित समाजबंधु। 

पाली. निकटवर्ती बालराई गांव स्थित डोवेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शुक्रवार को राईका समाज का महासम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन में सिरोही विधायक ओटाराम देवासी ने कहा कि शिक्षा से ही देश समाज का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को ऐसे कार्यक्रमों की जरूरत है।
 
ऐसे आयोजन से समाज में एकता की भावना का विकास होता है। हर व्यक्ति को अपने बच्चों को शिक्षित करने का ध्येय बनाना चाहिए ताकि समाज में विकास की गति और बढ़ सके। इस दौरान विधायक देवासी ने बालिका शिक्षा पर भी जोर दिया। साथ ही, नशा मुक्त समाज का निर्माण करने कुरीतियां त्यागने पर बल दिया। युवा नेता नारायण भाई ने कहा कि देवासी समाज ने शिक्षा से जुड़कर कई ऊंचाइयां प्राप्त की है। इसी तरह भविष्य में एक-दूसरे का सहयोग समाज को शिक्षा से जोड़कर ही समाज का विकास संभव है।
 
पूर्व पशुपालक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष पीराराम देवासी ने कहा कि गांव-ढाणियों में स्कूल खुल गए हैं, जिसका लाभ अन्य जातियों की तरह गरीब पिछड़ी जातियों के लोग भी उठाए और अपने बच्चों को शिक्षित कर उनके भविष्य को उज्जवल बनाए। डोवेश्वर राईका सेवा समिति बालराई की ओर से आयोजित राईका समाज के महासम्मेलन में डोवेश्वर मंदिर परिसर में राईका समाज द्वारा बड़ी धर्मशाला बनाने का निर्णय लिया, जिसका कार्य चल रहा है।

इसके लिए राईका समाज के प्रत्येक घर से पांच सौ रुपए लेने का निर्णय भी लिया गया। सम्मेलन महंत राजभारती महाराज धुंमड़ा माताजी संत अभय भारती महाराज कोट बालियान, फूला भारती आदि संतों के सानिध्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सिरोही विधायक ओटाराम देवासी, नारायणभाई, पूर्व जिलाध्यक्ष पीराराम देवासी, इंदरा चारणान सरपंच लाभुराम देवासी, गिरवर माता भोपा तेजाराम देवासी, भरत कुमार कूरना, पंचायत समिति रानी सदस्य सीआर मीना, सुदर्शन देवासी, पोमाराम देवासी, लाखाराम, मनाराम, तेजाराम आदि का स्वागत किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित थे।

देवस्थान मंत्री देवासी ने शिशवी के रेबारियों की ढाणी में संकल्प दिलाया

देलवाड़ा। देवस्थान गौपालन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि समाज में शिक्षा अनिवार्य है। शिक्षा से ही समाज देश का भला हो सकता है। समाज में फैल रही नशा प्रवृति को बंद करने की जरूरत है। शिक्षा ही कर्म धर्म है। इसलिए बच्चों को सबसे पहले शिक्षित करो तब ही समाज में फैली कुरीतियां खत्म होगी। वे शनिवार देर शाम को नाथद्वारा के शिशवी पंचायत के शिशवी ढाणी में रेबारी समाज के कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। यहां से पूर्व मिराज गौशाला राबचा का अवलोकन किया। मंत्री के साथ नाथद्वारा विधायक कल्याण सिंह चौहान, मावली विधायक दलीचंद डांगी उपस्थित थे। दोनों विधायकों ने धर्म सभा को सम्बोधित किया। नाथद्वारा विधायक कल्याण सिंह चौहान ने गांव के चामुंडा मन्दिर मार्ग को सीसी रोड बनाने की घोषणा की। पूर्व सरपंच केसर सिंह कुंठवा, पूर्व ग्रामीण मंडल अध्यक्ष श्याम सिंह झाला ने भी सम्बोधित किया। सरपंच संजय सिंह लाल, बालवीर सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकाश भारती महाराज, करोली की ढाणी मन्दिर के भोपा मूलाराम देवासी ने की। संचालन गणेश लाल ने किया। -

राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने शपथ ग्रहण करते हुऐ

देवासी समाज के शक्तिशाली तेजश्वी बुद्धिमान होहनार मन्त्री श्री ओटारामजी देवासी 


शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री से मिलते विधायक ओटाराम देवासी 

देवासी के मंत्री बनने पर देवासी समाज में छाया हर्ष

राजस्थान सरकार के गो सेवा, देवस्थान विभाग मंत्री माननीय ओटाराम 

देवासी 

सांचोर । विधायक ओटाराम देवासी के राज्य सरकार में मंत्री बनने की घोष्ाणा पर देवासी समाज की ओर से देवासी समाज छात्रावास के बाहर पटाखे चलाकर खुशी मनाई गई। देवासी समाज के अध्यक्ष रुडाराम देवासी, धनजी सरनाऊ, सांवलाराम देवासी,जोगाराम सांचोर,नरिगराम, हरजीराम,चांपाराम,पाचाराम ,पुनमाराम,हरिराम, भलजी जाजुसन, आदि ने मंत्री बनाने पर खुशी मनाई। 
मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। 

दिवाली की हार्दिक सुभकामनाये


सभी देवासी समाजवासियों को दिवाली की हार्दिक सुभकामनाये----यह 

दिवाली सब के लिया खुशियाँ लेकर आये......

दिवाली के इस त्योहार में जोश और उत्साह के साथ सावधानी भी जरूरी है. दिवाली पर हफ्ते-दस दिन पहले से ही घर में चहल- पहल और रौनक शुरू हो जाती है. रोशनी के इस त्योहार में हर तरफ खुशियां डोलने लगती हैं. घर का हर सदस्य अपने अंदाज में दिवाली मनाने की तैयारी करता रहता है. बच्चे तो कुछ ज्यादा ही जोश में रहते हैं. पटाखे कितने फोड़ने हैं, इसकी पूरी सू ची तैयार रखते हैं. 

सत्ताराम देवासी का हौसला

बचपन में करंट से जल गए थे हाथ, अब पैर से देगा सीए की परीक्षा
सत्ताराम देवासी का हौसला 


जोधपुर. महज 10 वर्ष की उम्र में सत्ताराम देवासी गांव के ट्यूबवेल के पास करंट लगने से हाथों से लाचार हो गया। करीब दो वर्ष तक इलाज करवाया, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। पिता खेत में काम करते थे। दो छोटी बहनों व एक छोटे भाई के पालन-पोषण में पिता की मदद करने के जुनून में सत्ताराम ने पैर से लिखने की प्रैक्टिस शुरू की। शुरुआत में परेशानी हुई, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति से इसमें पारंगत हो बीकॉम किया। अब वह बुधवार को सीए इंटर के दूसरे गु्रप की परीक्षा देगा। सत्ताराम का जन्म वर्ष 1992 में जोधपुर के पास स्थित स्वामीजी की ढाणी में हुआ था। वर्ष 2002 में हाथ जल गए। उस वक्त वह पांचवीं में पढ़ता था। हादसे से दो वर्ष की पढ़ाई खराब हो चुकी थी। फिर 2003 में पांचवीं की परीक्षा दी तो अपने साथ राइटर बिठाया, लेकिन उसे राइटर की लिखावट पसंद नहीं आई तो कक्षा 6 से उसने पैर से लिखने की प्रैक्टिस शुरू कर दी। वर्ष 2010 में उसने 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण की। गत वर्ष बीकॉम किया। सीपीटी में ऑल इंडिया में 126वीं रैंक मिली। गत वर्ष सीए इंटरमीडिएट का एक ग्रुप क्लियर कर लिया और बुधवार को दूसरे गु्रप की पहली परीक्षा देगा। कॅरिअर को ऊंचाई देने में वह अपने परिवार के अलावा सुचेता कृपलानी शिक्षण संस्थान परिवार, प्रज्ञा निकेतन की निदेशक प्रो. कुसुमलता भंडारी व सीए मनीष सुखानी को सहयोगी मानता है। 

अखिल भारतीय देवासी समाज

एक नजर समाज की प्रगति की ओर देवासी,देसाई,राईका,रायका,रबारी एवं अन्य उपनामों से पुकारे जाने वाली हम सब की जाति एक है। समाज के प्रति हमारा उद्देष्य समष्द्ध सामाजिक,धार्मिक,आर्थिक,मानसिक सांस्कष्तिक व षिक्षा के क्षेत्र मे समाज को प्रगति की राह पर लेकर जाना।
देवासी समाज को मष्त्यू भोज,बाल विवाह,नषा मुक्ति,कन्या भू्रण हत्या व समाज मे फैली समस्त कुरीतियों के विरोध मे समाज को जागरूक करना।
देवासी भाईयों उठो ओर समय को पहचान कर आगे बढों।
भारत का सविंधान 26 जनवरी 1950 मे लागू हुआ। सविंधान लागू होने के तुरन्त बाद सभी को समानता का अधिकार मिला। स्वतंत्रता का अधिकार,षोशण के विरूद्ध अत्याचारो से मुक्ति पाने का अधिकार,धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार,षिक्षा व संस्कष्ति का अधिकार,सवैधानिक उपचारो का अधिकार मिला। लेकिन सविंधान लागू होने के 64 वर्श बाद भी हम समाज के अंदर विषेश षिक्षा,राजनैतिक व आर्थिक,व्यापार व पषु पालन मे आज तक हम आगे नही बढ पायें। अपील है समस्त समाज बंधुओं से यदि हम अब अपनी कुरीतियों पाले रहे,आड़बरो से गिरे रहे तो अपना अस्तित्व दासो से भी बुरा हो सकता है। निकलो इन कर्म कांडो को त्यागों ओर इन धर्मसता से उढो ओर एक नये सवेरे की ओर बढों। समाज की भलाई की ओर ध्यान दो। स्वयं को सुधार कर यथाइस्थिती दूसरो की मदद खुद करो । तो भगवान आपके कल्याण के लिए पीछे नही हटंेगंे। गुंगे बहरे मत बनो। एक दूसरे का दुःख दर्द बांटो। दे सको तो समाज मे दूसरों को खुषीयां दो ओर अपने को सुधारो। समाज स्वयं सुधर जायेंगा।
षादी विवाह,दहेज एवं मत्यु भोज इत्यादि सामाजिक दायित्व मे हैतस्यित से अधिक र्खच कर डालते है लेकिन कर्ज लेकर षान दिखाना समाज मे अच्छी बात नही हैं। समाज को भी सोचना चाहिए अपने माता पिता,भाई बहनो को सलाह देनी चाहिए कि लडकियों का दहेज पढाई है। व पढ लिखकर आगे आयें और समाज की अगष्णिय बने। अन्तः मष्त्यू भोज,दहेज प्रथा,बाल विवाह इत्यादि समाज के कोढ़ (उत्साह) को छोडों ओर आत्म विष्वास के साथ प्रगति की राह पकडो। लडकियां लडको से प्रतिभा मे कम नही होती। इंदिरा गांधी अकेली लडकी थी जिसने अपने नाम के साथ अपने परिवार का नाम पुरे विष्व मे रोषन किया। आज लडकियां हर क्षेत्र मे अगष्णिय है।
समाज की जन्नी यदि षिक्षित नही है तो वह समाज षिक्षा मे पूर्ण सफल नही हो सकता। अतः लडकियां आज बडे बडे पदों को सुषोभित कर रही है। राजस्थान मे लडकियों की नोकरीयों मे तीस प्रतिक्षत आरक्षण है। अतः लड़का व लडकियों पर षिक्षा का विषेश ध्यान दो। ओर एक संकल्प करना चाहिए कि बच्चो को पढा लिखाकर उच्च अधिकारी बनायें लड़का या लड़की कामयाब होगे तो अपने नाम के साथ आपका नाम भी रोषन करेगें।
अतः कम संतान पैदा करके अपने दो बच्चों को पढाने की सोगंध खाये। समाज को भी होनहार प्रतिभाषाली बच्चो को पढने के लिए कमजोर परिवारो को प्रोत्सान व आर्थिक मदद करनी चाहिए। आज कला व कम्प्यूटर का युग है प्रत्योेगिता का जमाना है जो प्रत्योगिता मे सर्वक्षेश्ठ होगा वही सफलता प्राप्त करेगा। जो बच्चा प्रत्योगिता मे नही टिक